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कोरोना के दौर में खुस रहने के लिए क्या है जरुरी उपाय?

March 27, 2020

कोरोना के दौर में खुस रहने के लिए हमे चाहिए की कुछ कम संसाधनो से ही रहे संतुष्ट, अगर आप घर में बैठे हुई है तो बार बार कुछ खाते रहना ठीक नहीं है, क्युकी अधिक भोजन या बार बार का भोजन करना, चिंताग्रस्त रहना, संसाधनो की कमी महसूस करना, आपको या आपके परिवार को अन्य बिमारिओ से पीड़ित कर सकता है, अतः सावधान रहे, तथा निम्न बातो का विशेष ध्यान दे।
१) कम मात्रा में भोजन करे, क्युकी अधिक भोजन एवं गलत भोजन करने से पेट की समस्याए होने का खतरा बढ़ सकता है।
२) ज्यादा चिंतित न रहे, क्युकी चिंता करने से आपकी समस्याए और बढेगी।
३) कम संसाधनो में ही खुश रहने का प्रयास करे, संसाधन जुटाने के चक्कर में बहार या किसी के सम्पर्के में न आये।
४) अधिक पानी का सेवन करे, पानी आपको हइड्रेट रखेगा, जिससे आपको चिंता घबराहट नहीं होगी ।
५) पास पड़ोस एवं रिस्तेदारो से फ़ोन पर ही हाल-चाल ले, मिलने आने या मिलने जाने से पाबन्दी लगा दे।
६) सरकारी एवं ब्रांडेड न्यूज़ एजेंसी पर ही विश्वास करे (व्हाट्सप्प, फेसबुक एवं यूटुब इत्यादि पर विश्वास न करे)।

"इंसान को खुस रहने के लिये एक मेज , एक कुर्सी, एक कटोरा फल और एक वायलन बहुत है"...(अल्बर्ट आइंस्टीन)


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कोरोना वायरस (Corona Virus)

March 11, 2020
विश्व भर में कोरोना वायरस का कहर बरस रहा है, इसके कारण हजारो लोगो की जाने जा चुकी है, अब ये वायरस भारत में भी प्रवेश कर चूका है। ये वायरस किसी के भी संपर्क में आने से तेजी से फ़ैल रहा है, इस वायरस के संक्रमण से बचने के कुछ उपाय निम्नलिखित है, कृपया ध्यान से पढ़े
बचाव के उपाय :
१: खासते एवं छीकते समय अपने मुँह एवं नाक को कपडा या रुमाल से अवश्य ढके।
२: अपने हाथो को साबुन या पानी से नियमित धोवे ।
३: भीड़ भाड़ वाले स्थानों में जाने से बचे ।
४: फ़्लू से संक्रमित व्यक्ति से १ मीटर की दुरी बनाये रखे ।
५: पर्याप्त नींद एवं आराम ले, पर्याप्त मात्रा में पानी / तरल पदार्थ ले।
६: फ्लू का संक्रमण का संदेह हो तो तुरंत चिकित्सक का सलाह ले ।
७: गंदे हाथो से आँख, नाक, मुँह ना छुए ।
८: सार्वजनिक स्थान पे ना थूके ।
९:  बिना चिकित्सक के परामर्श के दवा न ले ।
१०: स्तेमाल किये हुए नैपकिन, रुमाल, तौलिये इत्यादि कभी प्रयोग न करे ।
११: मांशाहार अथवा जल्दी ख़राब होने वाली वस्तुए से परहेज करे ।
१२: नियमित योगासन (कपालभाति, अनुलोम-बिलोम, सूर्य-नमस्कार, प्राणायाम) करे ।
१३: नित्य प्राकृतिक पंच्तुलसी अर्क का सेवन करे।
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पंच्तुलसी अर्क मगाने के लिये कॉल करे : 8885556461
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अगर आप कोरोना वायरस के शिकार हो गए है तो घबराये नहीं, क्युकी चिंता आपके लिये खतरनाक साबित हो सकता है,
इस बीमारी को सावधानी पूर्वक इलाज करे तो ये बीमारी पूर्णतया ठीक हो सकती है।
इम्यून सिस्टम बढ़ाने वाली औषधिओ का भी सेवन तुरंत करे।
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इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक प्रणाली) बढ़ाने एवं वायरस जनित रोगो से बचने के कुछ सामान्य नियम के बारे में बताने जा रहा हु ।
अतः आपलोग हमारी बात को ध्यान पूर्वक सुने :
चुकी हम सभी जानते है कि  दुनिया के अधिकतम बीमारिया जीवाणु (वैक्टीरिआ) अथवा विषाणु (वायरस) के द्वारा होता है, जीवाणु  (वैक्टीरिआ) ऐसे सूछ्म जीवो का समूह होता है, जो हमारे सरीर में रोग उत्पन्न काने लगते है, ऐसे ही वायरस भी होते है लेकिन ये विष से बन हुआ जीवाणु होता है।  वायरस बहरी वातावरण में निष्क्रिय पड़ा रहता है लकिन जीव के संपर्क में एते ही सक्रिय हो जाता है, और उस जिव को बीमारी उत्पन्न करने लगता है, वायरस को समाप्त करना बहुत कठिन काम होता है, हमारे पृथ्वी पैर ३० लाख से भी अधिक प्रकार के वायरस है, जिसमे से ५० हजार वायरस के बारे में जानकारी एवं इलाज का पता है,

लकिन हमारे सरीर के पास सभी वायरस को समाप्त करने (लड़ने) कि छमता होती है, इस छमता को इम्यून सिस्टम कहते, और हमरा सरीर वायरस से नहीं लड़ पता है तो सबसे पहले बुखार होने का सिमटम उत्पन्न होता है। तथा बाद में वाइरस जनित रोग उत्पन्न हो जाता है।

 ऐसी परिस्थिति न आये इसके लिए हमे या तो इन वायरस के संपर्क से दूर रहा जाये, एवं अपना इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनाया जाये ।
आइए जानते है कि आयुर्वेद चिकित्षा पद्धति द्वारा इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरक्षा प्रणाली)कैसे मजबूत किया जाये ?
चुकी आयुर्वेद में इम्युनिटी बूस्टर अनेको औषधिया बनायी गयी है, लेकिन
निम के पत्ते
गिलोय या कचनार कि छाल का काढ़ा
तुलसी अर्क इत्यादि का सेवन करना चाहिए ।


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मोटापा (Obesity)

July 14, 2019

रोग का परिचय : अधिक वसा संचित होने के कारण सरीर भार बृद्धि की स्थिति को मोटापा कहा जाता है।  
जब सरीर का वजन व्यक्ति की आयु, लिंग के प्रमाणित भार  से २० प्रतिशत अधिक हो तो वो व्यक्ति मोटापा का सीकार हो जाता है।  

कारण : शारीरिक कसरत का अभाव, कफ करक आहार लेने से , अधिक मीठा खाने से , घी अदि चिकने पदार्थो के सेवन करने से, 
- कफ कारक  भोजन के सेवन से सरीर में मेद  बढ़ जाता है।  यह रोग पुरुषो को काम महिलाओ में ज्यादा होता है।
- मेद बृद्धि होने पर सरीर के बाहरी अंगो के साथ साथ भीतरी अंगो जैसे ह्रदय , गुर्दा यकृत , एवं माँसपेशियों  में भी मेद एकत्रित  होकर अंगो का आकर बढ़ा देता है, तथा साथ साथ बहुत से रोग भी पैदा होते है, इनमे साटिका, जोरो के दर्द पित्त की पथरी, मधुमेह (शुगर ), रक्तचाप (हाई बी पी), हार्ड अटैक जैसी बिमारीआ   होने की सम्भावना बढ़ जाती है। 

चिकित्सा : मोटापा के उपचार के लिये  मेद  नाशक, कफनाशक जुलाब लेना चाहिए। सरीर को सुखाने एवं दुर्बल करने वाली औषधियाँ लेना चाहिए। 


गर्सिनिआ & कॉफी बीन  कैप्सूल लेना चाहिए 

डेल्को स्लिमिंग कैप्सूल्स का सेवन करना चाहिए 

निशुल्क डॉक्टर से सलाह लेने के लिए कॉल करे : +91 888-555-6461 


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गैस्टिक की समस्या का सफल इलाज

March 21, 2019
गैस्टिक के समस्या का सफल इलाज:- 
नमस्कार आयुर्वेद गुरु में आपका स्वागत है ....आज हम आपको एक आम बीमारी जैसे गैस्टिक की समस्या के बारे में बताते है, यह एक आम समस्या है ये प्रायः सभी को होती है, इसका कारन प्रायः खान पान की गड़बड़ी के कारण होती है, एलोपैथ (अंग्रेजी दवा) में इसका को सफल इलाज नहीं है, अगर है भी तो इसका कई सिडेफेक्ट भी होती है, अगर गैस्टिक की बीमारी आपको ज्यादा है तो इसका तुरंत उपचार करना अति आवश्यक है, अगर इसका समय रहते इलाज नहीं किया गया तो आपको कई बड़ी बीमारिया जैसे अल्सर, कब्ज, बवासीर इत्यादि हो सकता है, अतः गैस्टिक का सबसे सस्ता इलाज 15 ग्राम  त्रिफला चूर्ण को एक गिलास पानी में घोलकर प्रतिदिन सुबह सुबह खली पेट ले, ध्यान रहे त्रिफला चूर्ण को पानी का घोल बनाकर ही प्रयोग करे, एवं प्यास के अनुसार 1  या 2 गिलास पानी और पिये। ये क्रिया 15 से 20 दिनों तक नियमित करे, ऐसा करने से आपको गैस बनाने की समस्या समाप्त हो जाएगी।

चुकी अगर आपको त्रिफला का प्रयोग करने पर भी ये समस्या बरक़रार रहती है तो, आपको हमारे संस्थान का बनाया हुआ "अमृत रस एन्ज़ाइम" का प्रयोग 2 से 3 महीने तक लगातार करना होगा, इसके प्रयोग करने से आपके गैस की समस्या जड़ से ठीक हो जाएगी।

अमृत रस एन्ज़ाइम
यह एक पावरफूल एंजाइम टॉनिक है , जो सरीर के पाचन रस को बढाता है, जिससे हमारी पाचन क्रिया सही हो जाती है।
इस विडिओ को पूरा सुने।  



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शाकाहार अपनाये स्वस्थ रहे

March 21, 2019

शाकाहार अपनाये स्वस्थ रहे 


नमस्कार मै आज आपको बताने जा रहा हु की हमें शाकाहार क्यो अपनाना चाहिए तामसिक भोजन से हमेशा दूर रहना चाहिए। चुकी आपको पता होगा  मांसहार मानव के लिये नहीं होता है, वास्तव में मांसहार राक्षसीय प्रकृति के लोगो के लिये होता है, शाकाहार मानव के लिए अति उत्तम होता है, मांसाहार करने वाले मानव का जीवन लम्बा नहीं होता है, एवं इनको कई बीमारियाँ लगने का खतरा होता है, अतः मांसाहार से जरूर बचें। 







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आहार ज्ञान

March 20, 2019

आहार ज्ञान क्यो जरुरी है ?  : मानव को आहार ज्ञान का होना अति आवश्यक है, क्योकि भोजन हमारे शरीर के लिए अति आवश्यक अंग है, हम बिना भोजन किए एक दिन भी नहीं रह सकते है, अर्थात भोजन हमारे सरीर के लिये ऊर्जा प्राप्त करने का कार्य करता है अतः जबकि भोजन अगर गलत या अनियमित तरीके से लिया जय तो हमारे सरीर में कई बीमारिया होने की सम्भावन हो सकता है, अतः किसी भी स्थिति में भोजन जैसी जानकारी का होना अति आवश्यकता है ।  आइए आज इस विषय पर विचार करते है की हमे किस किस भोजन का सेवन करना चाहिये। ......    



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