Follow Us @soratemplates

मोटापा (Obesity)


रोग का परिचय : अधिक वसा संचित होने के कारण सरीर भार बृद्धि की स्थिति को मोटापा कहा जाता है।  
जब सरीर का वजन व्यक्ति की आयु, लिंग के प्रमाणित भार  से २० प्रतिशत अधिक हो तो वो व्यक्ति मोटापा का सीकार हो जाता है।  

कारण : शारीरिक कसरत का अभाव, कफ करक आहार लेने से , अधिक मीठा खाने से , घी अदि चिकने पदार्थो के सेवन करने से, 
- कफ कारक  भोजन के सेवन से सरीर में मेद  बढ़ जाता है।  यह रोग पुरुषो को काम महिलाओ में ज्यादा होता है।
- मेद बृद्धि होने पर सरीर के बाहरी अंगो के साथ साथ भीतरी अंगो जैसे ह्रदय , गुर्दा यकृत , एवं माँसपेशियों  में भी मेद एकत्रित  होकर अंगो का आकर बढ़ा देता है, तथा साथ साथ बहुत से रोग भी पैदा होते है, इनमे साटिका, जोरो के दर्द पित्त की पथरी, मधुमेह (शुगर ), रक्तचाप (हाई बी पी), हार्ड अटैक जैसी बिमारीआ   होने की सम्भावना बढ़ जाती है। 

चिकित्सा : मोटापा के उपचार के लिये  मेद  नाशक, कफनाशक जुलाब लेना चाहिए। सरीर को सुखाने एवं दुर्बल करने वाली औषधियाँ लेना चाहिए। 


गर्सिनिआ & कॉफी बीन  कैप्सूल लेना चाहिए 

डेल्को स्लिमिंग कैप्सूल्स का सेवन करना चाहिए 

निशुल्क डॉक्टर से सलाह लेने के लिए कॉल करे : +91 888-555-6461 


जरुरी लिंक:-

·         हमसे संपर्क करने के लिये क्लिक करे : ContactUs

·         हमारे बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिये क्लिक करे: About Us

·         हमारे ईकॉमर्स वेबसाइट पर ऑनलाइन आयुर्वेदिक दवा खरीदने के लिये क्लीक करे: https://sonaayurveda.com

·         उपचार सलाह प्राप्त करने और चैट करने के लिये हमारे फेसबुक पेज को लाइक करे: https://fb.com/sonaayurveda

·         हमारी विडिओ देखने के लिये हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब जरूर करे: https://youtube.com/c/sonaayurveda