Follow Us @soratemplates

कोरोना वायरस (Corona Virus)

विश्व भर में कोरोना वायरस का कहर बरस रहा है, इसके कारण हजारो लोगो की जाने जा चुकी है, अब ये वायरस भारत में भी प्रवेश कर चूका है। ये वायरस किसी के भी संपर्क में आने से तेजी से फ़ैल रहा है, इस वायरस के संक्रमण से बचने के कुछ उपाय निम्नलिखित है, कृपया ध्यान से पढ़े
बचाव के उपाय :
१: खासते एवं छीकते समय अपने मुँह एवं नाक को कपडा या रुमाल से अवश्य ढके।
२: अपने हाथो को साबुन या पानी से नियमित धोवे ।
३: भीड़ भाड़ वाले स्थानों में जाने से बचे ।
४: फ़्लू से संक्रमित व्यक्ति से १ मीटर की दुरी बनाये रखे ।
५: पर्याप्त नींद एवं आराम ले, पर्याप्त मात्रा में पानी / तरल पदार्थ ले।
६: फ्लू का संक्रमण का संदेह हो तो तुरंत चिकित्सक का सलाह ले ।
७: गंदे हाथो से आँख, नाक, मुँह ना छुए ।
८: सार्वजनिक स्थान पे ना थूके ।
९:  बिना चिकित्सक के परामर्श के दवा न ले ।
१०: स्तेमाल किये हुए नैपकिन, रुमाल, तौलिये इत्यादि कभी प्रयोग न करे ।
११: मांशाहार अथवा जल्दी ख़राब होने वाली वस्तुए से परहेज करे ।
१२: नियमित योगासन (कपालभाति, अनुलोम-बिलोम, सूर्य-नमस्कार, प्राणायाम) करे ।
१३: नित्य प्राकृतिक पंच्तुलसी अर्क का सेवन करे।
+++++++++++++++++++++++++++++++++++++++
पंच्तुलसी अर्क मगाने के लिये कॉल करे : 8885556461
+++++++++++++++++++++++++++++++++++++++
अगर आप कोरोना वायरस के शिकार हो गए है तो घबराये नहीं, क्युकी चिंता आपके लिये खतरनाक साबित हो सकता है,
इस बीमारी को सावधानी पूर्वक इलाज करे तो ये बीमारी पूर्णतया ठीक हो सकती है।
इम्यून सिस्टम बढ़ाने वाली औषधिओ का भी सेवन तुरंत करे।
=============================================================

इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक प्रणाली) बढ़ाने एवं वायरस जनित रोगो से बचने के कुछ सामान्य नियम के बारे में बताने जा रहा हु ।
अतः आपलोग हमारी बात को ध्यान पूर्वक सुने :
चुकी हम सभी जानते है कि  दुनिया के अधिकतम बीमारिया जीवाणु (वैक्टीरिआ) अथवा विषाणु (वायरस) के द्वारा होता है, जीवाणु  (वैक्टीरिआ) ऐसे सूछ्म जीवो का समूह होता है, जो हमारे सरीर में रोग उत्पन्न काने लगते है, ऐसे ही वायरस भी होते है लेकिन ये विष से बन हुआ जीवाणु होता है।  वायरस बहरी वातावरण में निष्क्रिय पड़ा रहता है लकिन जीव के संपर्क में एते ही सक्रिय हो जाता है, और उस जिव को बीमारी उत्पन्न करने लगता है, वायरस को समाप्त करना बहुत कठिन काम होता है, हमारे पृथ्वी पैर ३० लाख से भी अधिक प्रकार के वायरस है, जिसमे से ५० हजार वायरस के बारे में जानकारी एवं इलाज का पता है,

लकिन हमारे सरीर के पास सभी वायरस को समाप्त करने (लड़ने) कि छमता होती है, इस छमता को इम्यून सिस्टम कहते, और हमरा सरीर वायरस से नहीं लड़ पता है तो सबसे पहले बुखार होने का सिमटम उत्पन्न होता है। तथा बाद में वाइरस जनित रोग उत्पन्न हो जाता है।

 ऐसी परिस्थिति न आये इसके लिए हमे या तो इन वायरस के संपर्क से दूर रहा जाये, एवं अपना इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनाया जाये ।
आइए जानते है कि आयुर्वेद चिकित्षा पद्धति द्वारा इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरक्षा प्रणाली)कैसे मजबूत किया जाये ?
चुकी आयुर्वेद में इम्युनिटी बूस्टर अनेको औषधिया बनायी गयी है, लेकिन
निम के पत्ते
गिलोय या कचनार कि छाल का काढ़ा
तुलसी अर्क इत्यादि का सेवन करना चाहिए ।


जरुरी लिंक:-

·         हमसे संपर्क करने के लिये क्लिक करे : ContactUs

·         हमारे बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिये क्लिक करे: About Us

·         हमारे ईकॉमर्स वेबसाइट पर ऑनलाइन आयुर्वेदिक दवा खरीदने के लिये क्लीक करे: https://sonaayurveda.com

·         उपचार सलाह प्राप्त करने और चैट करने के लिये हमारे फेसबुक पेज को लाइक करे: https://fb.com/sonaayurveda

·         हमारी विडिओ देखने के लिये हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब जरूर करे: https://youtube.com/c/sonaayurveda